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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार सख्त, अधिकारी बोले- भारतीय नियमों से कोई समझौता नहीं

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की ओर से सरकारी अनुरोधों पर कंटेंट हटाने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने की घोषणा के बाद भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा।

एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि X पर सरकारों की ओर से कंटेंट हटाने के अनुरोधों को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। इसका मकसद यूजर्स को यह जानकारी देना है कि किसी पोस्ट या सामग्री को हटाने का अनुरोध किस सरकार की ओर से किया गया और इसकी वजह क्या थी।

सरकार ने क्या कहा?

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, भारत में कंटेंट हटाने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69(ए) के तहत जारी किए जाने वाले आदेश गोपनीय रखे जाते हैं।

सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को देश के कानूनी ढांचे के तहत ही काम करना होगा। ऐसे में X की पारदर्शिता नीति भारत में लागू कानूनी प्रक्रियाओं से अलग नहीं हो सकती।

X की नई पहल का क्या है मकसद?

X की नई पहल का उद्देश्य सरकारी कंटेंट हटाने के अनुरोधों को लेकर यूजर्स के बीच अधिक स्पष्टता लाना है। कंपनी चाहती है कि यूजर्स को पता चल सके कि किसी सामग्री को हटाने का अनुरोध किस सरकार ने किया और उसके पीछे क्या कारण था।

एलन मस्क ने भी इस दिशा में पारदर्शिता बढ़ाने की बात कही है। हालांकि, भारत में सरकार का रुख स्पष्ट है कि कंटेंट हटाने से जुड़े मामलों में देश के कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।

पहले भी हो चुका है सरकार और X में विवाद

भारत सरकार और X के बीच कंटेंट हटाने के निर्देशों को लेकर पहले भी विवाद हो चुके हैं। वर्ष 2024 में किसान आंदोलन से जुड़े कुछ खातों और पोस्ट को लेकर सरकार के निर्देशों पर X ने कार्रवाई की थी। हालांकि, प्लेटफॉर्म ने इन आदेशों को लेकर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी।

इसके अलावा केंद्र के सहयोग पोर्टल को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए थे। X ने इसे सेंसरशिप से जोड़कर सवाल उठाए थे, जबकि सरकार ने इसे कानूनी नियमन की प्रक्रिया बताया था।

फिलहाल X की नई पारदर्शिता पहल के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता नीति और भारत की कानूनी प्रक्रिया के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाएगा।

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