दिल्ली में सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर फिल्म और मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी है। दिलजीत दोसांझ, हुमा कुरैशी, भूमि पेडनेकर, वीर दास, अनुराग कश्यप, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, सोहा अली खान, रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी।
दिलजीत दोसांझ ने छात्रों के समर्थन में की अपील
गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने कहा कि छात्रों के साथ सख्ती नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अधिकारियों को छात्रों की मांगों को सुनना चाहिए। दिलजीत ने यह भी कहा कि किसान आंदोलन के दौरान समर्थन देने के बाद उन्हें आलोचना और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी बात रखने का फैसला किया।
वीर दास ने कलाकारों की चुप्पी पर उठाए सवाल
कॉमेडियन और अभिनेता वीर दास ने प्रदर्शन को लेकर कई कलाकारों की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कलाकारों को जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठानी चाहिए और केवल अपने कार्यक्रमों के समय दर्शकों के समर्थन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
हुमा कुरैशी और भूमि पेडनेकर ने जताई चिंता
अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने प्रदर्शन के दौरान सामने आए दृश्यों पर दुख जताते हुए कहा कि हालात को बातचीत और धैर्य के जरिए संभाला जा सकता था। वहीं भूमि पेडनेकर ने कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है और लोकतंत्र संवाद से मजबूत होता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत भी बताई।
अनुराग कश्यप ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत आदेशों का पालन करने से इनकार करने का साहस भी व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
अन्य सितारों ने भी रखी अपनी राय
सोनाक्षी सिन्हा ने प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए घटना पर दुख जताया। अदिति राव हैदरी ने लिखा कि देश के विद्यार्थी ही उसका भविष्य हैं। सोहा अली खान ने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सवाल पूछने के अधिकार का समर्थन किया। वहीं रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे देश के युवाओं के साथ खड़े हैं।
प्रदर्शन में हिंसा, कई लोग घायल
दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान 118 पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुईं, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों और कई सार्वजनिक हस्तियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
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