फिल्म ‘लेनिन’ की सफलता के बाद आयोजित सक्सेस मीट में अभिनेता नागार्जुन अपने बेटे अखिल अक्किनेनी को लेकर भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले अखिल ने जीवन के सबसे कठिन दौर का सामना किया था। एक गंभीर हादसे में उनके हाथ की नस लगभग कट गई थी, जिससे कुछ समय के लिए हाथ की संवेदना भी खत्म हो गई थी। उस वक्त परिवार को यह तक नहीं पता था कि वह पूरी तरह ठीक हो पाएंगे या नहीं।
नागार्जुन ने बताया कि हादसे के बाद अखिल को करीब छह महीने तक फिजियोथेरेपी और इलाज से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह समय उनके और पत्नी अमला के लिए बेहद कठिन था, लेकिन अखिल ने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से अपने काम पर लौटे।
अभिनेता ने कहा कि इस घटना के बाद अखिल के व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव आया। वह पहले से अधिक शांत, परिपक्व और सोच-समझकर फैसले लेने वाले इंसान बन गए। नागार्जुन ने यह भी कहा कि जैनब रवजी के जीवन में आने के बाद अखिल को भावनात्मक मजबूती मिली और उनके जीवन का सकारात्मक दौर शुरू हुआ। इसी बदले हुए नजरिए के साथ उन्होंने ‘लेनिन’ की शूटिंग पूरी की।
अपने बेटे की सफलता पर गर्व जताते हुए नागार्जुन ने कहा, “अगर तुम इसी तरह धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ते रहे तो तुम्हारा भविष्य बेहद शानदार होगा।” उनका यह भावुक संदेश सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
नागार्जुन ने यह भी खुलासा किया कि फिल्म रिलीज से पहले वह तिरुमाला मंदिर गए थे, जहां उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर से पहली बार अपने बेटे के लिए ब्लॉकबस्टर फिल्म की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि उनके पास जीवन में सब कुछ है, लेकिन इस बार उन्होंने सिर्फ अखिल की सफलता की कामना की थी। अब ‘लेनिन’ की शानदार शुरुआत के बाद उन्होंने इसे भगवान का आशीर्वाद बताया।
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