स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने तिरंगा यात्रा को लेकर भी भाजपा पर तंज कसा और संविधान व लोकतंत्र की मजबूती पर जोर दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि आजादी के बाद भी किसान सबसे ज्यादा परेशान है। उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में संकट पैदा करने और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब करने का आरोप लगाया। तिरंगा यात्रा को लेकर उन्होंने कहा, “जिन्होंने तिरंगे का सम्मान नहीं किया, वे आज तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं।”
सपा अध्यक्ष ने कहा कि संविधान मजबूत होगा तो लोकतंत्र भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि संविधान की मजबूती के लिए पार्टी हर त्याग करने को तैयार है। अखिलेश ने भाजपा और आजादी को एक-दूसरे का विलोम बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहली ही बारिश में सड़क के क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आईं, जबकि करीब 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की लागत चार हजार करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं है।
महिला आरक्षण और समाजवादी पेंशन का किया जिक्र
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण विधेयक को वर्ष 2027 में लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इसके लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने पर समाजवादी पेंशन योजना को फिर से शुरू किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला
सपा प्रमुख ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने प्रतापगढ़ में सौरभ विश्वकर्मा की हत्या, बदायूं में डॉक्टर से मारपीट और गोरखपुर में बिजली ठेकेदार की हत्या जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई से जनता परेशान है। अखिलेश ने दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, जमीनों पर कब्जे और पुलिस हिरासत में मौत जैसी घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
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