अभिनेता शहजाद खान ने अपने करियर से जुड़े कुछ अनुभव साझा करते हुए दावा किया है कि उन्हें चर्चित फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ और टीवी शो ‘शाका लाका बूम बूम’ में काम करने के लिए पूरी फीस नहीं मिली। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता और दिग्गज अभिनेता अजीत खान की फिल्मों में विलेन वाली छवि का असर उनके बचपन पर भी पड़ा।
‘शाका लाका बूम बूम’ की फीस नहीं मिली
शहजाद खान ने बताया कि ‘शाका लाका बूम बूम’ में काम करने के बावजूद उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स से उन्हें पैसे नहीं मिले, वे दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे।
अभिनेता ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जिन लोगों से आर्थिक लेन-देन को लेकर अनुभव खराब रहा, उन्हें लंबे समय तक याद रखा जाता है।
‘अंदाज अपना अपना’ को लेकर भी किया दावा
शहजाद खान ने फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ को लेकर भी कहा कि उन्हें पूरी फीस नहीं मिली थी। उनके मुताबिक, उन्हें केवल साइनिंग अमाउंट मिला था और बाकी भुगतान नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि फिल्म के स्टाफ को उनकी तुलना में अधिक भुगतान मिला था, क्योंकि वे दैनिक आधार पर काम कर रहे थे, जबकि उनका कॉन्ट्रैक्ट अलग व्यवस्था के तहत था। हालांकि, अभिनेता ने कहा कि फिल्म के निर्माताओं के साथ बाद में उनके संबंध अच्छे रहे और वे परिवार की तरह हो गए।
पिता की विलेन वाली छवि का पड़ा असर
शहजाद खान ने अपने बचपन का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता अजीत खान फिल्मों में अक्सर खलनायक की भूमिकाओं में नजर आते थे। स्क्रीन पर उनकी नकारात्मक छवि के कारण बचपन में कई लोग शहजाद से भी दूरी बनाते थे।
अभिनेता के मुताबिक, कुछ लड़कियां उनसे इसलिए डरती थीं क्योंकि उनके पिता फिल्मों में हीरो और अन्य किरदारों के खिलाफ नकारात्मक भूमिकाएं निभाते थे।
अजीत खान की थी अलग पहचान
शहजाद खान के पिता अजीत खान हिंदी फिल्मों के चर्चित खलनायकों में शामिल रहे। ‘जंजीर’ और ‘यादों की बारात’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों ने उन्हें खास पहचान दिलाई। उनके संवाद बोलने के अंदाज और विलेन के किरदारों के कारण उनकी अलग स्क्रीन इमेज बनी।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi