अमेरिका ने कथित धमकियों के बाद ब्रिटेन स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी बमवर्षक विमान वापस बुला लिए हैं। इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इन धमकियों के पीछे कौन लोग हैं, इसकी जानकारी अमेरिका को है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे बड़ी मुसीबत में हैं।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी वायुसेना ने इंग्लैंड के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से तैनात अपने सभी बॉम्बर विमानों को उनके मूल ठिकानों पर वापस भेज दिया है। यह कदम एयरबेस पर संभावित आतंकी हमले की साजिश से जुड़ी नई खुफिया जानकारी मिलने के बाद उठाया गया।
आरएएफ फेयरफोर्ड लंदन से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिका इस एयरबेस का इस्तेमाल अपने बमवर्षक विमानों के संचालन के लिए करता रहा है।
पेंटागन ने की बॉम्बर्स की वापसी की पुष्टि
पेंटागन ने पुष्टि की है कि आरएएफ फेयरफोर्ड पर तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमान अपने मूल ठिकानों की ओर लौट रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने नई धमकियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, खतरे से जुड़ी जानकारी करीब तीन सप्ताह पहले सामने आई थी, लेकिन पिछले 24 घंटों में कुछ नए और विशिष्ट विवरण मिले। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल बढ़ाया गया और सैन्य कमांडरों ने बॉम्बर विमानों को वापस बुलाने का फैसला लिया।
एयरबेस से लगातार उड़ान भर रहे थे बॉम्बर
विमानन गतिविधियों पर नजर रखने वाले समूहों के मुताबिक, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद आरएएफ फेयरफोर्ड से कई बी-52 और बी-1 बॉम्बर विमानों की उड़ान दर्ज की गई थी। रविवार को भी कई बी-1 बमवर्षकों को एयरबेस से उड़ान भरते देखा गया।
ईरान को लेकर ट्रंप के सामने कई विकल्प
अमेरिकी बॉम्बर विमानों की वापसी ऐसे समय हुई है जब ट्रंप ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई को लेकर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को लेकर उनके पास कई फैसले हैं और वह जल्द कदम उठाएंगे।
ओहायो में एक रैली के लिए रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान को लेकर उन्हें फैसला करना है कि आगे का रास्ता आसान होगा या मुश्किल। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पहले ही काफी तबाह हो चुका है।
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