भारत सरकार देश के विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने हब एंड स्पोक मॉडल के तहत देशभर में 44 हवाई अड्डों का नेटवर्क विकसित करने की योजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य छोटे और मध्यम शहरों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से जोड़कर यात्रियों को आसान, तेज और निर्बाध हवाई यात्रा उपलब्ध कराना है। इसके जरिए भारत को वैश्विक विमानन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
योजना के तहत चार प्रमुख हब एयरपोर्ट और 40 स्पोक एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में दिल्ली देश का मुख्य हब एयरपोर्ट है, जबकि वाराणसी और अमृतसर स्पोक एयरपोर्ट के रूप में इस मॉडल से जुड़ चुके हैं। अब अहमदाबाद समेत कई अन्य शहरों को भी चरणबद्ध तरीके से इस नेटवर्क में शामिल किया जाएगा।
इस मॉडल की शुरुआत के साथ एयर इंडिया ने अमृतसर से ‘ईजी कनेक्ट’ (Easy Connect) सेवा भी शुरू कर दी है। इस सुविधा के तहत यात्री अपने शहर से ही अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक का थ्रू चेक-इन, सामान जमा करने और आव्रजन (इमिग्रेशन) की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके बाद दिल्ली जैसे हब एयरपोर्ट पर उन्हें दोबारा सामान लेने, चेक-इन करने या टर्मिनल बदलने की जरूरत नहीं होगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार, अमृतसर से शुरू हुई यह सेवा दिल्ली के माध्यम से 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से यात्रियों को जोड़ेगी। इनमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई प्रमुख शहर शामिल हैं। आने वाले समय में अहमदाबाद, गोवा, कोच्चि और अन्य शहरों से भी इसी तरह की उड़ानें शुरू करने की तैयारी है।
हब एंड स्पोक मॉडल ऐसी व्यवस्था है, जिसमें छोटे शहरों के हवाई अड्डों को बड़े केंद्रीय एयरपोर्ट से जोड़ा जाता है। यात्री पहले नजदीकी स्पोक एयरपोर्ट से हब तक पहुंचते हैं और वहां से सीधे घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए अपने अंतिम गंतव्य तक जाते हैं। इससे छोटे शहरों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है और एयरलाइंस भी अपने नेटवर्क का अधिक प्रभावी ढंग से संचालन कर पाती हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित करना है। सरकार का मानना है कि इस योजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत वैश्विक विमानन क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा। एयर इंडिया की ‘ईजी कनेक्ट’ जैसी सेवाएं इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं, जिससे छोटे शहरों के यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
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