भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट का रुख बना रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 23,700 के नीचे फिसल गया। बाजार पर विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का असर साफ दिखाई दिया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 703.04 अंक गिरकर 75,688.35 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 203.25 अंक टूटकर 23,666.35 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, शुरुआती उतार-चढ़ाव के बीच सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स करीब 450 अंक की गिरावट के साथ 75,940 के आसपास और निफ्टी लगभग 125 अंक टूटकर 23,745 के करीब कारोबार कर रहा था। इस दौरान रुपया भी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 96.58 पर पहुंचा।
विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। कंपनियों के तिमाही नतीजे भी फिलहाल बाजार को संभालने में सफल नहीं हो सके हैं।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का टोपीक्स, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200, हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक तनाव में नरमी नहीं आती, तब तक घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और दबाव का माहौल बना रह सकता है।
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