भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 24,050 के नीचे फिसल गया।
सुबह 9:37 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 599.28 अंक (0.77%) टूटकर 76,870.83 पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 163.61 अंक (0.68%) की गिरावट के साथ 24,024.10 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों के बीच बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। इंडिगो और सन फार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
क्यों टूटा शेयर बाजार?
विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। इससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ी है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाया है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव बना रहेगा और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर रहेंगी, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कमजोर रुपया, एफआईआई की बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिल रहे मिश्रित संकेत भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं शंघाई कंपोजिट और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 मामूली बढ़त में रहे। यूरोपीय बाजारों के शुरुआती संकेत भी मिश्रित रहे।
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