दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि उन्हें मेडिकल निगरानी में रखा जाए और डॉक्टरों की सलाह के बिना अस्पताल से डिस्चार्ज न किया जाए। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रदर्शन में घायल छात्रों से मुलाकात की।
प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने घायल छात्रों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए। वहीं कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने नीट परीक्षा को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की और कहा कि छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा की हालत में सुधार बताया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उसे होश आ गया है, हालांकि वह अभी वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी पसंद के अस्पताल और डॉक्टर से इलाज कराने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक को अनावश्यक रूप से अस्पताल में रखा गया और उन्हें लोगों से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वांगचुक छात्रों के समर्थन में अपना अनशन जारी रखेंगे।
उधर, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में जांच तेज कर दी है। एडिशनल डीसीपी आनंद कुमार मिश्रा ने बताया कि कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो व अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद और मामले दर्ज किए जा सकते हैं।
वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भी सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और समय रहते बातचीत न करने का आरोप लगाया। विपक्ष ने संसद में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कही।
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