बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर जारी बयान में मायावती ने कहा कि मेडिकल समेत विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक तथा परीक्षाएं रद्द होने की घटनाओं ने युवाओं में असंतोष बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े सभी दोषियों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बसपा प्रमुख ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभाव में अभिभावक महंगी निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सरकार को सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना चाहिए और कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी एवं पारदर्शी निगरानी रखनी चाहिए।
मायावती ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि युवा आउटसोर्सिंग जैसी अस्थायी नौकरियों के बजाय स्थायी और सम्मानजनक रोजगार चाहते हैं। उनका कहना था कि शिक्षित, सुरक्षित और रोजगारयुक्त भारत ही देश की वास्तविक प्रगति का आधार बन सकता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
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