श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति करने जा रहा है। इस पद के सृजन का उद्देश्य राम मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, पेशेवर और जवाबदेह बनाना है। नियुक्त होने वाले CEO को चढ़ावा प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था, कर्मचारियों की निगरानी, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय जैसी अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
CEO मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए आधुनिक अकाउंटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा और चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा वित्तीय विशेषज्ञों की मदद से पूरे वित्तीय प्रबंधन की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका न रहे।
मंदिर परिसर में सुरक्षा, सफाई, दर्शन व्यवस्था और अन्य सेवाओं में तैनात करीब 2500 कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी भी CEO के जिम्मे होगी। कर्मचारियों के बीच समन्वय, ड्यूटी प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
इसके अलावा CEO ट्रस्ट बोर्ड, ट्रस्ट अध्यक्ष, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। प्रशासनिक निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना भी उनकी भूमिका का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
ट्रस्ट के अनुसार, CEO का पद राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस संबंध में 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम का एलान किया जा सकता है। चयन प्रक्रिया के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है।
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