इंडिया-ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज के फाइनल में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों में 94 रन की पारी खेली। उनकी शानदार पारी की बदौलत इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए को 66 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
मैच के बाद वैभव ने कहा कि उनका लक्ष्य पावरप्ले के शुरुआती 10 ओवरों का पूरा फायदा उठाना था। उन्होंने कहा, “मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा था। बस शुरुआती 10 ओवरों में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश की।”
वनडे क्रिकेट में अपने अनुभव को लेकर वैभव ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मैं 50 ओवर के काफी मैच खेल चुका हूं, लोगों को शायद इसके बारे में पता नहीं है।” उन्होंने बताया कि इस सीरीज में अलग-अलग परिस्थितियों और पिचों पर खेलकर काफी कुछ सीखने को मिला।
वैभव ने अपनी 94 रन की पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाए। इस दौरान उन्होंने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
मैच से पहले दबाव के सवाल पर वैभव ने कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने कोच के साथ चर्चा कर अपनी रणनीति तैयार की थी और उसी के मुताबिक बल्लेबाजी की।
वैभव की इस विस्फोटक पारी की क्रिकेट जगत में जमकर सराहना हुई। पूर्व भारतीय बल्लेबाज शिखर धवन ने उनकी बल्लेबाजी को निडर और रोमांचक बताया। वहीं संजय मांजरेकर ने कहा कि वैभव 50 ओवर के क्रिकेट में और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। आकाश चोपड़ा ने उन्हें “प्योर एंटरटेनमेंट” करार दिया, जबकि इरफान पठान ने सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ की।
फाइनल मुकाबले में इंडिया-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका-ए की टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई और भारत ने 66 रन से जीत दर्ज कर ट्राई सीरीज का खिताब अपने नाम कर लिया।
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