NEET-UG 2026 का री-एग्जाम रविवार को देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित किया गया। परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। इसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें इस बार अभ्यर्थियों को 15 मिनट अतिरिक्त समय भी दिया गया।
परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही प्रवेश दिया गया। कई केंद्रों पर सघन तलाशी और सुरक्षा जांच की गई। पेपर लीक की आशंकाओं को देखते हुए प्रश्नपत्रों को केंद्रीय सुरक्षा बलों और पुलिस की निगरानी में स्ट्रॉन्ग रूम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, परीक्षा की निगरानी के लिए 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर तैनात किए गए। पहली बार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया गया। एयरफोर्स ने 200 से अधिक उड़ानों के जरिए प्रश्नपत्र देशभर के विभिन्न जोन तक पहुंचाए।
इस बीच, तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक दुखद खबर सामने आई। 19 वर्षीय एक छात्रा ने कथित तौर पर री-एग्जाम के दबाव में आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उसका शव अपार्टमेंट में फंदे से लटका मिला। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्रा ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। मामले की जांच जारी है।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। इसके बाद NTA ने री-एग्जाम कराने का फैसला लिया। पूरे मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है।
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