समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने विश्वविद्यालय परिसर में बने 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित मानते हुए अवैध घोषित कर दिया है। प्राधिकरण ने प्रबंधन को निर्धारित समय के भीतर भवन स्वयं हटाने का नोटिस जारी किया है, अन्यथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विश्वविद्यालय परिसर से गुजरने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित करते हुए मुख्य द्वार पर बोर्ड लगा दिया है। विभाग का कहना है कि यह सड़क आम जनता के आवागमन के लिए खुली रहेगी।
कार्रवाई के बीच आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा विश्वविद्यालय पहुंचीं। उन्होंने कहा कि संस्थान को नोटिस पर जवाब देने के लिए समय मिला है और प्रबंधन कानूनी सलाह लेकर अपना पक्ष रखेगा। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों को बाहर जाने को कहा और दावा किया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रशासन और पुलिस परिसर में इस तरह मौजूद नहीं रह सकते।
आरडीए के अनुसार, 38 भवनों को लेकर पहले नोटिस जारी कर विश्वविद्यालय प्रबंधन से जवाब मांगा गया था। सुनवाई के बाद भवनों को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया। वहीं, प्राधिकरण ने संभावित कानूनी चुनौती को देखते हुए पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट भी दाखिल कर दी है।
उधर, इस कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे शिक्षा संस्थान के खिलाफ कार्रवाई बताया है। फिलहाल पूरा मामला कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।
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