मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पुलिस सुधार, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। इस दौरान सीएम योगी ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई और वीर पुलिसकर्मियों को पदक देकर सम्मानित किया।
‘बंद कमरे में टिप्पणी करना आसान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद कमरे में बैठकर किसी के बारे में टिप्पणी करना आसान होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो और उसे अपने पद का कितना भी गुरूर क्यों न हो, अगर सुरक्षा हटा दी जाए तो अराजकता के माहौल में कुछ लोगों को भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगेगी।
उन्होंने कहा कि समाज में सुरक्षित वातावरण होने पर ही स्वस्थ चिंतन संभव है और इसी माहौल में विकास व समृद्धि की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और समानांतर व्यवस्था चलने की स्थिति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पुलिस के सामने भी कई चुनौतियां थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने पुलिस सुधार और पुलिस की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया। उन्होंने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के पुलिस सुधारों से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया।
पुलिस सुधार में तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सेफ सिटी परियोजना के तहत प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।
उनके अनुसार, विचार, व्यवहार और तकनीक के समन्वय से पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
वीर पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीर पुलिसकर्मियों के योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने एसटीएफ के दिवंगत इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह की वीरता को भी नमन किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, कार्यक्रम में 16 पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार तथा 10 पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
सड़क सुरक्षा के लिए 87 इंटरसेप्टर वाहन रवाना
मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं को प्रदेश के सामने बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक और प्रभावी प्रवर्तन के जरिए सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने के प्रयास किए जा सकते हैं।
इसी दिशा में उन्होंने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों का इस्तेमाल यातायात नियमों के उल्लंघन और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में निगरानी व प्रवर्तन के लिए किया जाएगा।
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