Saturday , September 26 2026

भारतीय सिंगल्स की बदलती तस्वीर: सोशल मीडिया पर एक्टिव, लेकिन असल जिंदगी में गहरे रिश्तों की चाह

सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय रहने के बावजूद बड़ी संख्या में भारतीय युवा अकेलेपन का अनुभव कर रहे हैं। मैच ग्रुप और इप्सोस के एक सर्वे में भारतीय सिंगल्स के बीच ऑनलाइन कनेक्शन और वास्तविक जीवन के सामाजिक रिश्तों के बीच अंतर सामने आया है। सर्वे के अनुसार, 35 प्रतिशत भारतीय सिंगल्स ने अकेलापन महसूस करने की बात कही।

ऑनलाइन जुड़े, लेकिन ऑफलाइन अकेले

सर्वे में शामिल युवाओं ने बताया कि वे सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार लोगों के संपर्क में रहते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में खुद को अकेला महसूस करते हैं। इसके पीछे काम, पढ़ाई और करियर से जुड़ा दबाव एक अहम कारण बताया गया।

करीब 55 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि दिनभर की व्यस्तता और थकान के बाद उनमें दोस्तों या अन्य लोगों के साथ समय बिताने की ऊर्जा नहीं बचती।

सुरक्षा और समावेशिता को लेकर सतर्क युवा

सर्वे के मुताबिक, डेटिंग को लेकर भी युवाओं की प्राथमिकताएं बदल रही हैं। करीब 60 प्रतिशत युवाओं ने डेटिंग ऐप्स पर सुरक्षा और समावेशिता को लेकर चिंता जताई।

वहीं, 63 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि गलत साथी चुनने से बेहतर है कि वे सिंगल रहें। इससे संकेत मिलता है कि युवा रिश्ते बनाने की जल्दबाजी के बजाय सही व्यक्ति और बेहतर जुड़ाव को महत्व दे रहे हैं।

कम लेकिन मजबूत दोस्ती की चाह

सर्वे में शामिल 72 प्रतिशत युवाओं ने बताया कि वे ज्यादा लोगों से सतही संपर्क के बजाय कम लेकिन मजबूत दोस्ती पसंद करते हैं। वहीं, 64 प्रतिशत सिंगल्स ने काम या पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बताया।

यह रुझान बताता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों से जुड़े रहने के बावजूद युवा वास्तविक जीवन में भरोसेमंद और मजबूत रिश्तों की तलाश कर रहे हैं।

लॉन्ग-टर्म रिश्तों को प्राथमिकता

सर्वे में युवाओं के बीच गंभीर और लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों की चाह भी सामने आई। करीब 85 प्रतिशत युवाओं ने लॉन्ग-टर्म रिश्ते की इच्छा जताई। जेन जी के बीच यह आंकड़ा 89 प्रतिशत रहा।

वहीं, 78 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे सही साथी मिलने का इंतजार करने के लिए तैयार हैं। करीब 40 प्रतिशत युवाओं ने सच्चे प्यार में विश्वास जताया और डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने की बात कही।

1,000 युवाओं पर आधारित सर्वे

यह सर्वे 1,000 युवाओं से बातचीत के आधार पर किया गया। इसके आंकड़े बताते हैं कि भारतीय युवाओं के सामाजिक और रोमांटिक रिश्तों में ऑनलाइन जुड़ाव के साथ-साथ सुरक्षा, भरोसे, दोस्ती और लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों को भी महत्व दिया जा रहा है।

Check Also

भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर S&P का बड़ा अनुमान, FY27 में 7% रह सकती है GDP ग्रोथ

भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के बीच S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *