मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास से चारधाम यात्रा को लेकर वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चारधाम यात्रा के संबंध में मौजूदा व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी ली। बैठक के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा को सुगम बनाए रखने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
आज से शुरू हो रहा चारधाम यात्रा का दूसरा चरण
चारधाम यात्रा का दूसरा चरण मंगलवार यानी 15 सितंबर से शुरू हो रहा है। 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा का पहला चरण पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के साथ हेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से यात्रा व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संबंधित विभागों और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से भी तीर्थयात्रियों के सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
खराब मौसम और भूस्खलन बनी चुनौती
चारधाम यात्रा के दौरान खराब मौसम और यात्रा मार्गों पर भूस्खलन की घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास रविवार देर शाम पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना हुई थी। इसमें एक घोड़ा संचालक और एक खच्चर गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घटना के बाद जिला आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है। यात्रा मार्गों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। तीर्थयात्री ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं।
सरकार और प्रशासन की कोशिश है कि यात्रा के दूसरे चरण में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या के बावजूद दर्शन और यात्रा व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इसके लिए संबंधित विभागों को यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर लगातार निगरानी रखने को कहा जा रहा है।
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