मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1947 में हुआ देश का विभाजन कांग्रेस की कायरता का प्रमाण है। योगी ने कहा कि अगर उस समय सरदार पटेल प्रधानमंत्री होते या नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व देश के पास होता तो कोई भी भारत का बाल भी बांका नहीं कर पाता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू, बौद्ध, जैन और सिखों का कत्लेआम हुआ। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी आज भी देश की स्मृति में दर्ज है और इससे सबक लेने की जरूरत है।
आपसी अंतर्विरोध को बताया गुलामी का कारण
सीएम योगी ने कहा कि भारत के गुलाम होने के पीछे प्रमुख कारणों में आपसी अंतर्विरोध भी शामिल था। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर पैदा हुए मतभेद और षड्यंत्रों ने देश को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि इन अंतर्विरोधों के कारण भारतीय समाज सामूहिक रूप से संघर्ष नहीं कर सका और इसका परिणाम गुलामी के रूप में सामने आया।
उन्होंने कहा कि सनातन काल से एक भारत रहा देश धीरे-धीरे टुकड़ों में बंटता चला गया।
आजादी के बाद की नीतियों पर भी कांग्रेस को घेरा
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि देश के विभाजन के बाद कांग्रेस शासन में शत्रु संपत्तियों की बंदरबांट हुई और निजी संपत्तियां बनाई गईं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से भारत आए हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख परिवारों के पुनर्वास के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी मानसिकता आज भी विभाजनकारी है और वे देश व समाज को बांटने की राजनीति करते हैं।
सीएम योगी ने निकाला पैदल मार्च
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर लखनऊ में पटेल प्रतिमा से लोकभवन तक पैदल मार्च निकाला गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा के अन्य नेता शामिल हुए।
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