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सीतामढ़ी में बिहार बंद के दौरान हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने

नीट पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलनों के समर्थन में शनिवार को आयोजित बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन हिंसक हो गया। सीतामढ़ी, पटना, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। सीतामढ़ी में स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण रही, जहां पुलिस पर पथराव के बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।

सीतामढ़ी के डुमरा स्थित समाहरणालय के पास प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमित रंजन सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई चरणों में कार्रवाई की। इस दौरान तीन वाहनों में आग लगा दी गई और कई निजी व सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है।

पटना में भी गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहे के आसपास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई दौर की झड़प हुई। पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़ने और पथराव करने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। वहीं भागलपुर और पूर्णिया में भी पथराव, सड़क जाम और हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आईं, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और जनजीवन प्रभावित रहा।

उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कई जिलों में छात्र संगठनों ने इसे आंदोलन की जीत बताते हुए जश्न मनाया। गया और समस्तीपुर में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी और विजय जुलूस निकाला। छात्र नेताओं ने नए शिक्षा मंत्री से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष ढंग से कराने की मांग की।

इसी बीच कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, प्रभावित छात्रों को न्याय, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग की है। दूसरी ओर, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

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