अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की दर्शन व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की वीआईपी एवं सुगम दर्शन पास जारी करने वाली सिस्टम आईडी निष्क्रिय कर दी है। वहीं, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास को नई सिस्टम आईडी जारी की गई है, जिसके माध्यम से अब दर्शन पास जारी किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में सुगम और विशिष्ट दर्शन के लिए अधिकृत पदाधिकारियों की संस्तुति पर पास जारी किए जाते थे। हालिया घटनाक्रम के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन तीन आईडी को बंद कर दिया, जिनसे सबसे अधिक पास जारी हुए थे। अब चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की संस्तुति पर किसी भी प्रकार का दर्शन पास जारी नहीं होगा।
सूत्रों का दावा है कि चढ़ावा प्रकरण के आरोपी टिन्नू यादव ने इसी व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग कर बड़ी संख्या में पास जारी करवाए थे। जांच एजेंसियां पूरे सिस्टम की जांच कर रही हैं। हालांकि, पास जारी करने के बदले अवैध लाभ लेने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच ट्रस्ट ने चढ़ावा गणना और प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने नई प्रणाली का निरीक्षण करते हुए कहा कि सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आवश्यक बदलाव किए गए हैं, जिससे पहले जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना बेहद कम होगी।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट में जल्द ही नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाएगी। नए CEO के कार्यभार संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाया जाएगा। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए सुधार प्रक्रिया जारी रहेगी।
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