मपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने की प्रस्तावित कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस फैसले का बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में तोड़फोड़ के बजाय नियमों के तहत समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि किसी शिक्षण संस्थान में निर्माण संबंधी अनियमितताएं हैं, तो उन्हें ध्वस्त करने के बजाय वैधानिक प्रक्रिया के तहत नियमित करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का मामला हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए किसी भी निर्णय में छात्र हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि केवल जौहर यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी यदि निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो सरकार को पहले समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जनहित और शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला करेगी।
गौरतलब है कि मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत ने यूनिवर्सिटी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए 38 भवनों को गिराने की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय तक अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि सभी पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मामले में अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। फिलहाल यूनिवर्सिटी को राहत मिलने से प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर रोक बनी हुई है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi