राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था के तहत कई सामान्य वस्तुओं को भीतर ले जाने पर रोक है। पेन और कंघी जैसी चीजें भी प्रतिबंधित हैं। वहीं, मंदिर से जुड़े कुछ पुजारियों के मोबाइल फोन मंदिर परिसर के भीतर पहुंचने और गर्भगृह व परिसर से वीडियो-रील सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाने का मामला सामने आया है। इससे मंदिर की निगरानी और रिकॉर्डिंग संबंधी नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले कई स्तरों की जांच से गुजरना पड़ता है। परिसर के भीतर निजी तौर पर फोटो और वीडियो बनाने पर भी रोक है। इसके बावजूद कुछ पुजारियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर मंदिर परिसर और गर्भगृह से जुड़े वीडियो सामने आने की बात कही जा रही है।
मंदिर से जुड़े कुछ पुजारी लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। उनके अकाउंट पर मंदिर परिसर से बनाई गई रील और वीडियो दिखाई देती हैं। इन वीडियो के जरिए उनके फॉलोअर्स की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब श्रद्धालुओं के लिए निजी रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित है, तो मंदिर के संवेदनशील हिस्सों से ये वीडियो सोशल मीडिया तक कैसे पहुंच रहे हैं।
चढ़ावा चोरी के बाद निगरानी व्यवस्था पर पहले से सवाल
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद मंदिर की आंतरिक व्यवस्था, निगरानी और संवेदनशील स्थानों तक पहुंच को लेकर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। ऐसे में गर्भगृह और परिसर से निजी वीडियो सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
मंदिर की अधिकृत मीडिया व्यवस्था के तहत फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके बावजूद निजी सोशल मीडिया अकाउंट से मंदिर के अंदर की रील सामने आना निगरानी तंत्र के लिए चुनौती माना जा रहा है।
एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्र ने बताया कि मामले में नियमों की जानकारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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