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RBI डिप्टी गवर्नर का बड़ा बयान: त्योहारी सीजन में बढ़ेगी ऋण मांग, बैंकों को मिलेगी ज्यादा नकदी

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन ने कहा है कि आने वाले महीनों में बैंकों के पास विदेशी मुद्रा अनिवासी जमा यानी FCNR(B) से मिली अतिरिक्त तरलता उपलब्ध होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारी सीजन के दौरान कर्ज की मांग मजबूत रह सकती है।

FCNR(B) से जुटाई गई 133 अरब डॉलर की राशि

डिप्टी गवर्नर के अनुसार, FCNR(B) जमा योजना के तहत बैंकों ने करीब 133 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। प्रवासी भारतीयों की मजबूत प्रतिक्रिया के बाद यह योजना 31 अगस्त को निर्धारित समय से करीब एक महीने पहले बंद कर दी गई थी।

रोहित जैन ने 13वें SBI बैंकिंग और अर्थशास्त्र सम्मेलन के दौरान कहा कि RBI ने बैंकों के साथ उनकी लिक्विडिटी स्थिति पर चर्चा की है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने बैंकों को किसी खास क्षेत्र में यह राशि लगाने का निर्देश नहीं दिया है।

अपनी जरूरत के हिसाब से राशि इस्तेमाल करेंगे बैंक

RBI के मुताबिक, बैंक अपनी ऋण पाइपलाइन, नए प्रस्तावों और लिक्विडिटी की स्थिति को देखते हुए FCNR(B) से मिली राशि का इस्तेमाल कर सकेंगे। बैंकों को यह तय करने की स्वतंत्रता होगी कि अतिरिक्त तरलता को किस तरह और किस क्षेत्र में लगाया जाए।

विदेशी मुद्रा से जुड़ी सुविधाएं भी जारी

RBI की अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपये की विशेष विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा 8 जून 2026 को शुरू हुई थी। यह सुविधा FCNR(B) जमा, विदेशी मुद्रा उधार और बाहरी वाणिज्यिक उधार के लिए थी। FCNR(B) की विंडो 31 अगस्त को बंद हो चुकी है, जबकि ECB और OFCB की विंडो 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी।

18 सितंबर तक अधिकृत डीलर बैंकों के आंकड़ों के अनुसार, FCNR(B), ECB और OFCB के जरिए कुल प्रवाह 143.596 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

विदेशी मुद्रा भंडार और तकनीक पर भी बात

रोहित जैन ने विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन को लेकर कहा कि RBI सुरक्षा, तरलता और प्रतिफल को प्रमुख आधार मानता है। भंडार को अलग-अलग क्षेत्रों, मुद्राओं और परिसंपत्ति वर्गों में विविध किया गया है। इसका उद्देश्य बाहरी वित्तीय मजबूती बनाए रखना और विदेशी निवेशकों का भरोसा कायम रखना है।

उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में तकनीक से जुड़े जोखिमों पर भी बात की। RBI टोकनाइजेशन को लेकर सकारात्मक रुख रखता है और इसे डिजिटल स्वामित्व रिकॉर्ड, स्वचालित निपटान तथा परिचालन दक्षता के लिए उपयोगी मानता है। हालांकि, इसके व्यापक इस्तेमाल से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपायों और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया गया है।

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