राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर संघ का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि देश में जब तक सामाजिक भेदभाव, पिछड़ापन और असमानता बनी हुई है, तब तक आरक्षण की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। होसबाले ने यह बात मध्य प्रदेश के इंदौर में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
भेदभाव खत्म होने तक जारी रहे आरक्षण
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि समाज में जिन वर्गों के साथ ऐतिहासिक रूप से भेदभाव हुआ है और जो इसके कारण सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ गए हैं, उनके लिए आरक्षण की व्यवस्था जरूरी है। जब तक इन वर्गों को समानता का एहसास नहीं होता, तब तक देश में आरक्षण जारी रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक असमानता को दूर करना है। यह व्यवस्था उन लोगों तक पहुंचनी चाहिए, जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील
होसबाले ने आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीतिक दलों को वोट बैंक की राजनीति से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण का लाभ कुछ ही वर्गों तक सीमित रह जाता है और दूसरे पात्र लोग इससे वंचित रहते हैं, तो व्यवस्था में जरूरी सुधार पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस संबंध में संबंधित वर्गों से बातचीत और उनकी सहमति को भी महत्वपूर्ण बताया।
इंदौर में हुई थी संघ की तीन दिवसीय बैठक
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित डेली कॉलेज परिसर में 2 से 4 नवंबर तक आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक आयोजित की गई थी। इसमें देशभर से करीब 400 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता, युवाओं की भूमिका और नशामुक्ति जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक के समापन के बाद दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों को संघ की आगामी योजनाओं और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर संगठन का रुख बताया।
संघ ने सामाजिक समरसता पर दिया जोर
होसबाले ने कहा कि सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करना संघ की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और सामाजिक चुनौतियों के समाधान में संस्थाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया।
आरक्षण को लेकर संघ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi