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धर्मांतरण प्रकरण में एसटीएफ की जांच तेज: दो डॉक्टरों के जाकिर नाईक से संपर्क का दावा, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी तक पहुंची जांच

उत्तर प्रदेश के आगरा में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है। सड़कों की खुदाई और निर्माण कार्यों के चलते उड़ रही धूल ने लोगों की सांसों पर संकट खड़ा कर दिया है। शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। आगरा स्मार्ट सिटी के सेंसरों के अनुसार, बुधवार को शहीद नगर में सबसे अधिक 410 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि टेढ़ी बगिया में यह आंकड़ा 406 तक पहुंच गया। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

26 चौराहों पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब

आगरा स्मार्ट सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को शहर के 26 चौराहों पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब और गंभीर स्थिति में दर्ज की गई। शहीद नगर 410 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा। इसके बाद टेढ़ी बगिया में 406 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।

इसके अलावा मीरा हुसैनी चौराहे पर 350, राजेश्वर मंदिर पर 332, छीपीटोला में 327 और राजामंडी में 325 एक्यूआई दर्ज किया गया। तेज नगर में 322, सिकंदरा चौराहे पर 321, धूलियागंज में 318 और बाग फरजाना में 317 एक्यूआई रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।

सड़क निर्माण और खुदाई से बढ़ रहे धूल के कण

शहर में सीएम ग्रिड योजना के तहत कई स्थानों पर सड़क निर्माण और खुदाई का काम चल रहा है। निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल हवा में घुलकर प्रदूषण बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों को धूल के कारण आंखों में जलन, खुजली और गले में खराश की शिकायत हो रही है।

निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल के कारण आसपास रहने वाले लोगों और सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। धूल और धुएं के लगातार संपर्क में रहने से सांस संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।

संजय प्लेस में 24 घंटे में दोगुना हुआ AQI

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के आंकड़ों में भी आगरा की हवा की स्थिति चिंताजनक दिखाई दी। हालांकि, बोर्ड के अनुसार बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 174 रहा, लेकिन संजय प्लेस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक दर्ज किया गया।

यूपीपीसीबी की लैब के मुताबिक, 3 नवंबर को संजय प्लेस का एक्यूआई 169 था, जो बुधवार को बढ़कर 236 हो गया। यानी महज 24 घंटे में इसमें बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 323 और पीएम-10 का स्तर 409 तक पहुंच गया।

वहीं, फतेहपुर सीकरी में प्रदूषण के स्तर में कुछ सुधार देखने को मिला। यहां एक्यूआई 213 से घटकर 163 दर्ज किया गया।

पीएम-10 का स्तर 800 तक पहुंचा

आगरा स्मार्ट सिटी की रिपोर्ट में शहीद नगर और टेढ़ी बगिया की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक रही। इन दोनों इलाकों में पीएम-10 की मात्रा 800 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हवा में मौजूद ये सूक्ष्म कण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। खासकर लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने वाले लोगों को अधिक परेशानी हो सकती है।

आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी के मरीज बढ़े

प्रदूषण का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। एसएन मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा सेन के मुताबिक, धूल के अतिसूक्ष्म कण आंखों में पहुंचने से खुजली, आंखों से पानी आना, जलन और किरकिराहट जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

वहीं, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि धूल और कार्बन के कण सांस की नली में पहुंचकर संक्रमण और अन्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसके कारण लोगों को सीने में जकड़न और भारीपन महसूस हो रहा है।

अस्थमा के मरीजों के लिए बढ़ा खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, प्रदूषित हवा का सबसे ज्यादा असर अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ रहा है। धूल और धुएं के संपर्क में आने से ऐसे मरीजों को तेज खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अस्थमा अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है। अस्पताल की ओपीडी में इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण

आगरा स्मार्ट सिटी के सेंसरों के अनुसार प्रमुख स्थानों पर दर्ज एक्यूआई इस प्रकार रहा:

स्थान                                                                                                     AQI

शहीद नगर                                                                                            410

टेढ़ी बगिया                                                                                            406

मीरा हुसैनी चौराहा                                                                                 350

राजेश्वर मंदिर                                                                                         332

छीपीटोला                                                                                              327

राजामंडी                                                                                               325

तेज नगर                                                                                               322

सिकंदरा चौराहा                                                                                    321

धूलियागंज                                                                                             318

बाग फरजाना                                                                                        317

आगरा में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। एक तरफ सड़क निर्माण और खुदाई से उड़ती धूल ने हालात बिगाड़े हैं, तो दूसरी तरफ प्रदूषण के कारण अस्पतालों में आंख और सांस संबंधी शिकायतें बढ़ रही हैं। ऐसे में निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और प्रदूषण कम करने के उपायों पर ध्यान देना जरूरी हो गया है।

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