संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर करीब आठ घंटे तक चली चर्चा के बाद मतदान हुआ। हालांकि मंत्री के जवाब से पहले विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर विरोध जताया।
विपक्ष की ओर से कुछ सांसदों ने विधेयक की विभिन्न धाराओं में संशोधन के प्रस्ताव दिए थे, लेकिन प्रस्ताव पेश करने वाले कुछ सदस्य मतदान के समय सदन में मौजूद नहीं थे। वहीं, अन्य संशोधन प्रस्ताव भी सदन ने खारिज कर दिए, जिसके बाद विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया।
विपक्ष के वॉकआउट पर केंद्रीय मंत्री एवं सदन के नेता जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया, लेकिन मंत्री के जवाब के समय विपक्ष सदन छोड़कर चला गया। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक चर्चा में रुचि नहीं दिखा रहा है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के सांसदों ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य को लेकर अपने-अपने पक्ष रखे। विपक्षी नेताओं ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।
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