करीब आठ साल पुराने एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला जज कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। अदालत ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया, जबकि दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। दोषी प्रशांत चौधरी की सजा पर अदालत 21 सितंबर को फैसला सुनाएगी।
पत्नी कल्पना तिवारी ने फैसले पर जताई नाराजगी
अदालत के फैसले के बाद विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने फैसले को अपने लिए अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी।
कल्पना तिवारी ने कहा कि उन्हें सुबह से ही अदालत के फैसले का इंतजार था और उम्मीद थी कि उन्हें न्याय मिलेगा। हालांकि, फैसला आने के बाद उन्होंने इससे असहमति जताई।
‘प्रशांत ट्रेंड सिपाही था, गोली कैसे चल सकती है’
कल्पना तिवारी ने प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशांत एक ट्रेंड सिपाही था, ऐसे में उससे गलती से गोली चलने की बात समझ में नहीं आती।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय दोनों सिपाही मौके पर मौजूद थे, इसलिए दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी किया जाना भी उन्हें सही नहीं लगता। कल्पना ने कहा कि वह अपने बच्चों को इस फैसले के बारे में क्या जवाब देंगी।
उन्होंने कहा कि यदि अदालत फांसी की सजा नहीं देती तो कम से कम दोषी को आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए थी।
क्या है पूरा मामला?
विवेक तिवारी की 28 सितंबर 2018 की रात लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में गोली लगने से मौत हो गई थी। वह अपनी कार से जा रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया था।
घटना के बाद सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में दोनों को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
करीब आठ साल तक चले मामले में जिला जज कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना, जबकि संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अब प्रशांत की सजा की अवधि को लेकर अदालत 21 सितंबर को फैसला सुनाएगी।
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