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नया एक्सप्रेसवे बदलेगा तस्वीर, यूपी समेत तीन राज्यों को जोड़ेगा; जमीनों की कीमतों में आएगा उछाल

उत्तर प्रदेश को जल्द एक और आधुनिक एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। आगरा-ग्वालियर 88 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के साथ लंबे समय से चल रहा विवाद सुलझने के बाद परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है। किसानों की मांग पर मुआवजा राशि में 50 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

627 किसानों को मिलेगा बढ़ा हुआ मुआवजा

एक्सप्रेसवे के लिए आगरा जिले में करीब 14 किलोमीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। पहले किसानों के लिए 144 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया था, लेकिन असंतोष के चलते किसानों ने जमीन का कब्जा देने से इनकार कर दिया था। बाद में मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझा और अब कुल मुआवजा बढ़ाकर 195 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसील के 12 गांवों के 627 किसानों को लाभ मिलेगा।

4,613 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एक्सप्रेसवे

एनएच-719डी के तहत बनने वाला यह एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड सिक्सलेन एक्सप्रेसवे आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के सुसेरा गांव तक जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 4,613 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण बीओटी (टोल) मॉडल पर किया जाएगा। एनएचएआई ने इस परियोजना के लिए जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड के साथ 20 वर्ष का रियायत समझौता किया है।

तीन राज्यों को मिलेगा सीधा लाभ

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण के बाद आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और एनएच-44 पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।

चंबल अभयारण्य में पर्यावरण का रखा जाएगा ध्यान

परियोजना राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से होकर गुजरती है। घड़ियालों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंबल नदी पर विशेष केबल-स्टे ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें ध्वनि अवरोधक (Noise Barriers) और लाइट कटर लगाए जाएंगे। इसके अलावा परियोजना में 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज और 192 पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

आगरा बनेगा पांच एक्सप्रेसवे वाला पहला शहर

इस परियोजना के पूरा होने के बाद आगरा देश का पहला ऐसा शहर बनने की ओर बढ़ेगा, जहां पांच एक्सप्रेसवे का नेटवर्क होगा। वर्तमान में यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे संचालित हैं, जबकि आगरा-ग्वालियर, आगरा-बरेली और आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे पर काम प्रक्रियाधीन है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक, व्यापारिक और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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