उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना शुरू होने के बाद अब तक 5.40 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित इससे जुड़ चुके हैं। वहीं, कुल पात्र लाभार्थियों में से करीब 45 प्रतिशत ने ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि ई-केवाईसी का अभियान लगातार जारी है और शेष पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य शिक्षकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
12.89 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
राज्य सरकार के अनुसार, बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के 12,89,018 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित इस योजना के दायरे में हैं। इनमें से अब तक 5,40,878 लाभार्थियों का पंजीकरण और ई-केवाईसी पूरी कर उन्हें योजना से जोड़ दिया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक प्रगति
बेसिक शिक्षा विभाग में अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 का सत्यापन पूरा हो चुका है।
उच्च शिक्षा विभाग के लिए 26 जुलाई से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी की है, जो विभाग के कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है।
कैशलेस इलाज की मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द सभी पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी कर उन्हें योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
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