भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स लगभग 200 अंक नीचे और निफ्टी 24,350 के आसपास पहुंच गया। ताजा बाजार आंकड़ों में भी दोनों प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना हुआ दिखा।
पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल का दबाव
बाजार पर पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर देखा जा रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल की महंगाई से निवेशकों की चिंता बढ़ रही है।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में गिरावट
शुरुआती कारोबार में टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंफोसिस जैसे प्रमुख शेयरों पर दबाव रहा। वहीं इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, इटरनल और एनटीपीसी में तेजी देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी चिंता
बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 1,002.50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। बुधवार को सेंसेक्स 187.90 अंक गिरकर 77,966.35 और निफ्टी 35.75 अंक की गिरावट के साथ 24,435.95 पर बंद हुआ था।
आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक महंगाई, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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