उत्तराखंड के कोटद्वार में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा आने से एक मकान की ऊपरी मंजिल ढह गई। हादसे में 85 वर्षीय वृद्धा और दो साल के बच्चे की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं, एक व्यक्ति अब भी लापता है और उसकी तलाश में राहत-बचाव अभियान जारी है। एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना मंगलवार सुबह द्वारीखाल ब्लॉक की ग्रामसभा महरगांव में हुई। ग्राम प्रधान अमित नेगी और राजस्व उपनिरीक्षक अमित कुमार के अनुसार, पहाड़ी से अचानक मलबा आने के कारण महरगांव निवासी धीरेंद्र सिंह के मकान की ऊपरी मंजिल ढह गई। हादसे के समय चार लोग मलबे में दब गए थे।
मलबे में धीरेंद्र सिंह (48), उनकी मां मथुरा देवी (85), भाभी विदेश्वरी देवी और भतीजी रजनी का दो वर्षीय बेटा रुद्रांश दब गए थे। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने विदेश्वरी देवी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद रुद्रांश और मथुरा देवी के शव बरामद किए गए, जबकि धीरेंद्र सिंह की तलाश देर शाम तक जारी रही।
हादसे के समय धीरेंद्र की पत्नी विधाता देवी और छोटा बेटा गौरव पास के दूसरे मकान में गए हुए थे। वहीं, रजनी सोमवार को ही अपने ससुराल से मायके आई थी और घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थी।
घटना की सूचना मिलने पर पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसडीएम रेखा आर्य समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर चार-चार लाख रुपये और क्षतिग्रस्त भवन के लिए दो लाख रुपये की सहायता दी।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षेत्र में राहत-बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटा है।
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