कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आंदोलन का दायरा बढ़ाते हुए भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मुलाकात की। इस बैठक में किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई तथा इन सवालों को लेकर व्यापक समर्थन मांगा गया। पार्टी ने संकेत दिए कि आने वाले समय में किसान और छात्र संगठनों के साथ मिलकर संयुक्त आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है।
सीजेपी का कहना है कि अब उसका अभियान केवल शिक्षा और छात्र हितों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों, युवाओं और अन्य सामाजिक मुद्दों को भी समान रूप से उठाया जाएगा। इसी उद्देश्य से पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने राकेश टिकैत से मुलाकात कर साझा मंच पर संघर्ष की संभावनाओं पर चर्चा की।
छात्रों के मुद्दे पर फिर आंदोलन की चेतावनी
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकी और दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी जल्द ही दोबारा सड़क पर उतरेगी। उनका आरोप है कि हालिया छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया और कई छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें किसानों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाएगा।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार ने पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज न करने और पुराने मामलों की समीक्षा का भरोसा दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देकर अपने वादे से पीछे हट रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
इस बीच, पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने आपराधिक रिकॉर्ड न रखने वाले प्रदर्शनकारियों की रिहाई का आदेश दिया है, जबकि पहले से दर्ज मामलों की जांच जारी रखने की अनुमति भी दी है।
सीजेपी का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसान और युवा संगठनों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
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