अयोध्या में 10वें दीपोत्सव को लेकर भव्य तैयारियां की जा रही हैं। इस बार दीपोत्सव में एक नया इतिहास बनने जा रहा है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन राम मंदिर में पहला दीप प्रज्ज्वलित कर उत्सव का शुभारंभ करेंगे। उपराष्ट्रपति बनने के बाद उनका यह पहला अयोध्या दौरा होगा। साथ ही वह दीपोत्सव में शामिल होने वाले देश के पहले उपराष्ट्रपति होंगे।
दीपोत्सव के अवसर पर राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख दीप सजाए जाएंगे। वहीं, शहर के प्रमुख मंदिरों, मठों, कुंडों और सार्वजनिक स्थलों पर तीन लाख अतिरिक्त दीप जलाने की तैयारी है। इस तरह पूरी रामनगरी को कुल 33 लाख दीपों से रोशन करने का लक्ष्य रखा गया है। अयोध्या के 241 मठ-मंदिरों और पांचकोसी परिक्रमा क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर भी दीपोत्सव की विशेष सजावट की जाएगी।
गुप्तारघाट पर पहली बार दीप जला सकते हैं मुख्यमंत्री योगी
इस बार गुप्तारघाट भी दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण बन सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां पहली बार पहुंचकर दीप प्रज्ज्वलित कर सकते हैं। हालांकि, उनके कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इसके अलावा सूर्यकुंड और दशरथ समाधिस्थल को भी दीपों से सजाने की तैयारी की जा रही है।
5452 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मिलेगी सौगात
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिलने की भी तैयारी है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कुल 5,452.79 करोड़ रुपये की 284 परियोजनाओं की सूची तैयार की गई है। इनमें 152 परियोजनाओं का लोकार्पण और 132 परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है। इसके अलावा अयोध्या को सर्किट हाउस की सौगात मिलने और कचहरी में बहुद्देशीय इमारत का शिलान्यास होने की भी संभावना है।
इस बार दीपोत्सव में धार्मिक आयोजन के साथ विकास कार्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अयोध्या को भव्य रूप देने की तैयारी है।
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