उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से करीब पांच महीने पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अगस्त 2023 से प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे अजय राय को पद से हटा दिया है। उनकी जगह रामपुर खास की विधायक आराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है।
कांग्रेस ने संगठन में अन्य बदलाव भी किए हैं। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
अजय राय को हटाने के पीछे क्या वजह?
अजय राय को हटाने का फैसला पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही संगठनात्मक खींचतान के बीच हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और अजय राय के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए थे। प्रदेश संगठन को लेकर प्रभारी की रिपोर्ट को भी नेतृत्व परिवर्तन के आधारों में माना जा रहा है।
हालांकि, अजय राय की पूर्वांचल में राजनीतिक पकड़ और वाराणसी से लगातार चुनाव लड़ने के कारण उन्हें हटाने को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा थी। राय भूमिहार समाज से आते हैं, ऐसे में चुनाव से पहले इस वर्ग की नाराजगी की आशंका भी एक मुद्दा रही।
मोना को कमान, सामाजिक समीकरण पर जोर
आराधना मिश्रा मोना के प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ कांग्रेस ने संगठन में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। पार्टी ने ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों से जुड़े नेताओं को संगठन में प्रमुख जिम्मेदारियां दी हैं।
कांग्रेस के इस बदलाव को आगामी विधानसभा चुनाव और समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद संगठन में उनकी भूमिका बढ़ गई है।
अजय राय को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अजय राय को कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। कांग्रेस ने नई टीम के गठन के साथ संगठन को चुनावी तैयारियों में तेजी लाने का संकेत दिया है।
अब नई प्रदेश टीम के सामने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, नाराज कार्यकर्ताओं को साथ लाने और चुनावी तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी।
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