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लिस्टिंग के दबाव के बीच टाटा संस का वित्तीय हाल, 55 हजार करोड़ आय फिर भी 28 हजार करोड़ का नुकसान

टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के लिए वित्त वर्ष 2025-26 वित्तीय और आंतरिक स्तर पर महत्वपूर्ण रहा। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, एक ओर समूह की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों ने मजबूत मुनाफा दर्ज किया, वहीं गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के घाटे ने टाटा संस के समेकित प्रदर्शन पर असर डाला।

गैर-सूचीबद्ध कंपनियों का घाटा बढ़ा

टाटा समूह की 16 प्रमुख गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में से सात ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 31,823 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया। यह पिछले वित्त वर्ष के 17,553 करोड़ रुपये के घाटे से 81 प्रतिशत अधिक है। लाभ कमाने वाली कंपनियों को समायोजित करने के बाद भी पूरे पोर्टफोलियो का शुद्ध घाटा 27,854 करोड़ रुपये रहा।

सूचीबद्ध कंपनियों से मिला सहारा

रिपोर्ट के अनुसार, पांच प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों ने कुल 55,061 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। टीसीएस, टाटा कैपिटल, टाटा स्टील, टाइटन और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों से मिलने वाले लाभ और डिविडेंड ने टाटा संस के वित्तीय प्रदर्शन को सहारा दिया। हालांकि, जगुआर लैंड रोवर पर साइबर हमले के कारण टाटा मोटर्स को नुकसान हुआ।

एअर इंडिया बना सबसे बड़ा घाटे वाला कारोबार

गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में एअर इंडिया का घाटा सबसे अधिक रहा। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का घाटा बढ़कर 22,238 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान एअर इंडिया की आय में भी करीब नौ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टाटा डिजिटल को 4,974 करोड़ रुपये और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को 1,611 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आय बढ़कर करीब 1.31 लाख करोड़ रुपये हो गई।

लिस्टिंग को लेकर वैल्यूएशन अहम मुद्दा

टाटा संस की संभावित लिस्टिंग के बीच कंपनी के मूल्यांकन को लेकर यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि निवेशक कमाई के किस आंकड़े को आधार मानेंगे। वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा संस का एकीकृत मुनाफा 22 प्रतिशत बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये रहा। इसमें टाटा कैपिटल के आईपीओ से जुड़े लाभ और ब्रांड शुल्क से होने वाली आय का योगदान रहा।

वहीं, समेकित स्तर पर समूह का लाभ 38 प्रतिशत घटकर 17,923 करोड़ रुपये रह गया, जो तीन वर्षों का निचला स्तर बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी कारोबारों के घाटे के कारण टाटा संस के मूल्यांकन में कमाई के आधार को लेकर चर्चा बढ़ी है।

भविष्य के कारोबार पर भी नजर

रिपोर्ट में टाटा समूह के भीतर एअर इंडिया और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कारोबारों को भविष्य के विकास इंजन के तौर पर देखने की बात सामने आई है। हालांकि, लिस्टिंग के बाद इन कारोबारों में हो रहे घाटे को निवेशक किस तरह देखते हैं, यह टाटा संस के संभावित मूल्यांकन के लिहाज से महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा।

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