बागपत के अमीनगर सराय क्षेत्र के कमाला गांव में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को बुखार से ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि गांव में 60 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर शिकायत के बावजूद गांव में शिविर न लगाने का आरोप लगाया है।
कमाला गांव निवासी रविंद्र की ढाई वर्षीय बेटी अवनी को तीन दिन पहले बुखार हुआ था। परिजन उसका निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे समेत 60 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां उपचार कराना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से कई बार शिकायत की गई, लेकिन गांव में जांच और उपचार के लिए कोई शिविर नहीं लगाया गया।
ग्रामीणों ने गांव में जलभराव और गंदगी को बीमारी फैलने का बड़ा कारण बताया है। उनका कहना है कि जगह-जगह गंदा पानी जमा होने से मच्छर पनप रहे हैं। तालाब की सफाई और जलभराव की समस्या को दूर करने की मांग भी पहले की जा चुकी है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग से गांव में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कराने और दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, सीएचसी अधीक्षक बिनौली डॉ. अमित गुप्ता ने कहा कि उन्हें बच्ची की मौत की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भेजकर शिविर लगाया जाएगा और मरीजों की जांच व उपचार कराया जाएगा।
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