उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में ट्रक चालक बलजिंदर सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, बलजिंदर की हत्या उसकी प्रेमिका अमनदीप कौर ने की थी। हत्या के बाद वारदात को हादसा दिखाने के लिए ट्रक के केबिन में डीजल डालकर आग लगा दी गई। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
10 जुलाई को मिला था ट्रक में जला शव
रामपुर के बिलासपुर क्षेत्र के बड़ा बोसेना निवासी बलजिंदर सिंह रुद्रपुर से फोम लदा ट्रक लेकर नेपाल बॉर्डर जा रहा था। 10 जुलाई को पूरनपुर क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर पुल के पास ट्रक के केबिन में उसका जला हुआ शव मिला था। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे हादसा माना था। पोस्टमार्टम में धुएं से दम घुटने के कारण मौत की पुष्टि हुई थी।
हालांकि, बलजिंदर के परिजनों को घटना की परिस्थितियों पर संदेह था। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और पुलिस से हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू की।
CCTV और कॉल डिटेल से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ट्रक घटना से पहले कुछ समय के लिए सीसीटीवी की निगरानी से बाहर रहा था। इसके बाद पुलिस ने बलजिंदर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली। जांच में उसके दूसरे मोबाइल नंबर का भी पता चला, जिससे एक महिला से लगातार बातचीत होती थी।
कॉल डिटेल और घटना के समय की लोकेशन समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अमनदीप कौर तक पहुंची। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, हत्या की पूरी कहानी सामने आई।
तीन साल से थे प्रेम संबंध
पुलिस के अनुसार, बलजिंदर और अमनदीप के बीच करीब तीन साल से प्रेम संबंध थे। अमनदीप संबंध खत्म करना चाहती थी, जबकि बलजिंदर इस रिश्ते को जारी रखने का दबाव बना रहा था। इसी विवाद के बाद हत्या की योजना बनाए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन दोनों ट्रक की केबिन में मिले। वहां विवाद के दौरान अमनदीप ने लोहे की रॉड से बलजिंदर के सिर पर वार किया। उसके बेहोश होने के बाद केबिन में डीजल डालकर आग लगा दी गई, ताकि घटना सड़क हादसे जैसी लगे। इसके बाद आरोपी महिला वहां से चली गई।
हत्या में इस्तेमाल रॉड बरामद
पुलिस ने अमनदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और डीजल रखने वाली प्लास्टिक की पिपिया बरामद की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
एसपी सुकीर्ति माधव के मुताबिक, परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस की तीन टीमों ने मामले की जांच की। कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर पुलिस ने घटना का खुलासा किया।
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