बरेली में GST एसआईटी और कैंट थाना पुलिस ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की GST धोखाधड़ी करने वाले सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में बरेली निवासी फरजान हाशमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फरजान पिछले करीब दो साल से नेपाल में रहकर इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
फर्जी फर्मों के जरिये किया जा रहा था फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार, सिंडिकेट फर्जी फर्मों के जरिए बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा था। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया।
सिंडिकेट की कड़ियां बरेली से दिल्ली और नेपाल तक जुड़ी होने की बात सामने आई है। एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में मामले का खुलासा किया।
कार्रवाई के बाद नेपाल भाग गया था फरजान
पुलिस के मुताबिक, फरजान करीब दो साल पहले GST अधिकारियों की कार्रवाई के बाद नेपाल चला गया था। वहां वह कथित तौर पर ‘संदीप’ नाम से रह रहा था और वहीं से नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
पूछताछ में फरजान ने सागर अग्रवाल को सिंडिकेट का मुख्य सरगना बताया है। पुलिस के अनुसार, सागर फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
फर्जी दस्तावेजों से बनाई गईं दर्जनों फर्में
जांच में पता चला है कि गिरोह ने कथित तौर पर फर्जी आधार और पैन कार्ड के आधार पर दर्जनों फर्में तैयार की थीं। इन फर्मों के बीच बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए फर्जी बिलों का लेनदेन दिखाया जाता था। इसके आधार पर बोगस ITC क्लेम किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, फरजान ने पूछताछ में बताया कि विनीत अरोरा ने उसे 50 हजार रुपये देकर ‘एफएस ट्रेडर्स’ नाम से फर्जी फर्म खुलवाई थी। इस फर्म का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस जारी करने में किया गया।
लैपटॉप और छह मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी फरजान के कब्जे से एक लैपटॉप और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही फरार बताए जा रहे मुख्य आरोपी सागर अग्रवाल की तलाश भी जारी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस सिंडिकेट में कितने लोग शामिल थे और फर्जी फर्मों के जरिए कुल कितने रुपये का GST फर्जीवाड़ा किया गया।
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