गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। इस अवसर पर भगवान रामलला का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। साथ ही रामदरबार का भी पंचामृत अभिषेक, विशेष श्रृंगार और महाआरती संपन्न होगी। मंदिर परिसर स्थित 17 मंदिरों में विशेष पूजन और वैदिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
मंगलवार शाम धर्म समिति की बैठक में गुरु पूर्णिमा के सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। समिति के अनुसार, सत्य मंडपम में स्थापित महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि सहित सप्तऋषियों और अन्य महापुरुषों के मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना होगी। सभी अनुष्ठानों को विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए पुजारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है।
राम जन्मभूमि परिसर के अलावा परकोटा क्षेत्र के सभी मंदिरों में भी विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा। शिव मंदिर में रुद्राभिषेक और विशेष अभिषेक-पूजन होगा, जबकि कुबेर टीला स्थित कुबेरेश्वर महादेव का वैदिक मंत्रों के बीच रुद्राभिषेक कराया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालु निर्धारित समय के अनुसार इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों के दर्शन कर सकेंगे।
गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर रामलला सरकार और रामदरबार को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। विशेष श्रृंगार और महाआरती के साथ पूरे राम जन्मभूमि परिसर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिलेगा।
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