उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। छुट्टी होने के बाद पहली कक्षा का पांच वर्षीय छात्र स्कूल के कमरे में ही बंद रह गया। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन स्कूल पहुंचे, जहां बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद ग्रामीणों ने कमरे का ताला तोड़कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, दिनौल गांव निवासी सोहम प्राथमिक कक्षा का छात्र है। स्कूल की छुट्टी दोपहर करीब 12:30 बजे हो गई थी, लेकिन बच्चा कक्षा के अंदर ही रह गया। जब दोपहर तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अन्य बच्चों से जानकारी मिलने के बाद वे स्कूल पहुंचे और बच्चे का नाम पुकारा। अंदर से रोने की आवाज आने पर उन्हें घटना का पता चला।
ग्रामीण दीवार फांदकर स्कूल परिसर में पहुंचे और कमरे का ताला तोड़कर बच्चे को बाहर निकाला। लंबे समय तक बंद कमरे में रहने के कारण बच्चा घबराया हुआ था। घटना की सूचना पुलिस और शिक्षा विभाग को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) वीरेंद्र सिंह ने संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। बीएसए ने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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