वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि शोध एवं विकास (R&D) पर बढ़े खर्च का असर उसके मुनाफे पर पड़ा है। वहीं भारत के लिए रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में बड़ी खबर यह है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स ने लीप इंजन के अहम पुर्जों के निर्माण के लिए दीर्घकालिक समझौता किया है।
टेस्ला का मुनाफा घटा, राजस्व बढ़ा
टेस्ला का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ घटकर 1.11 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1.17 अरब डॉलर था। कंपनी का प्रति शेयर समायोजित लाभ 33 सेंट रहा, जो बाजार के अनुमान से कम है।
हालांकि, कंपनी का राजस्व 26 फीसदी बढ़कर 28.24 अरब डॉलर पहुंच गया। टेस्ला ने बताया कि इस दौरान शोध एवं विकास पर उसका खर्च करीब 49 फीसदी बढ़कर 2.37 अरब डॉलर हो गया। नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
भारत में बनेंगे लीप इंजन के पुर्जे
दूसरी ओर, HAL और फ्रांस की सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स ने CFM लीप इंजन कार्यक्रम के लिए सुपरएलॉय टरबाइन रिंग फोर्जिंग के उत्पादन और आपूर्ति का दीर्घकालिक समझौता किया है।
इस समझौते के तहत बेंगलुरु स्थित HAL की फाउंड्री एंड फोर्ज डिवीजन में लीप इंजन के लिए अत्याधुनिक तकनीक से पुर्जों का निर्माण किया जाएगा। इसे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में भारत की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
केरल ने शुरू किया 100-दिवसीय मिशन
उधर, केरल सरकार ने राज्य को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से 100-दिवसीय मिशन शुरू किया है। इस पहल के तहत वैश्विक निवेश अभियान, अंतरराष्ट्रीय रोड शो, बुनियादी ढांचे का विस्तार और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित किया जा सके।
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