ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी आव्रजन नीति को और सख्त करते हुए आतंकवादी गतिविधियों या आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाले विदेशी नागरिकों पर नए वीजा प्रतिबंध लागू करने का ऐलान किया है। नई नीति के तहत आतंकवादियों की फंडिंग, भर्ती, लॉजिस्टिक सहायता या हिंसक गतिविधियों में सहयोग करने वालों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह नीति उन विदेशी नागरिकों पर लागू होगी, जिन्होंने आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन किया हो, हिंसक अपराधों को बढ़ावा दिया हो या प्रशासन द्वारा आतंकवादी घोषित संगठनों के लिए वित्तीय, संगठनात्मक या अन्य प्रकार की मदद उपलब्ध कराई हो।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य देश की सुरक्षा को मजबूत करना और आतंकवादी नेटवर्कों की फंडिंग, भर्ती तथा गतिविधियों पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए अमेरिकी वीजा के सभी रास्ते बंद किए जाएंगे, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता या नागरिकों के लिए खतरा बन सकते हैं।
यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) के तहत की जाएगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस नीति से सीमा-पार चरमपंथी नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूती मिलेगी।
वीजा प्रतिबंधों की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी विदेश विभाग ने राजनीतिक आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर मंत्रीस्तरीय बैठक आयोजित की। इसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद के खिलाफ समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करने और कानून प्रवर्तन सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका पहले ही कई हिंसक संगठनों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उनकी फंडिंग रोकने में मददगार सूचना देने वालों के लिए 1 करोड़ डॉलर (10 मिलियन डॉलर) तक के इनाम की भी घोषणा की गई है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में और संगठनों को भी इस सूची में शामिल किया जा सकता है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi