NEET-UG 2026 री-एग्जाम में मोबाइल फोन के जरिए चीटिंग की कोशिश करने के आरोप में पकड़ी गई छात्रा को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पेशी के बाद छात्रा चेहरा छिपाते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकली।
पुलिस ने छात्रा के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल का इस्तेमाल केवल सवालों के जवाब खोजने के लिए किया गया था या फिर प्रश्नपत्र की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने का भी प्रयास किया गया था।
पुलिस पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह परीक्षा के दौरान एआई की मदद से सवालों के जवाब देखने के उद्देश्य से मोबाइल लेकर आई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले मोबाइल में प्रश्नपत्र की तस्वीरें मौजूद थीं। हालांकि परीक्षा केंद्र के आसपास सक्रिय जैमर के कारण वह कोई जानकारी बाहर नहीं भेज सकी।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान दो बार मेटल डिटेक्टर ने अलर्ट दिया था। छात्रा ने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि अंडरगारमेंट्स में लगे हुक के कारण अलर्ट आ रहा है, जिसके बाद उसे प्रवेश दे दिया गया। बाद में परीक्षा के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर निरीक्षकों ने जांच की और मोबाइल बरामद कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मोबाइल परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा। दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें पांच साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
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