उत्तर प्रदेश में रविवार को NEET-UG 2026 का री-एग्जाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित किया गया। प्रदेश के 59 जिलों में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होने वाली परीक्षा में करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई, जहां अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई।
एंट्री के दौरान अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र, फोटो और हस्ताक्षर का मिलान किया गया। साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल उपस्थिति भी दर्ज की गई। आजमगढ़ में जूते-मोजे और बालों की जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया, जबकि नोएडा में कलावा और ज्वेलरी उतरवाकर सेंटर में एंट्री दी गई। झांसी में कान में बाली पहनकर पहुंचे एक अभ्यर्थी को बाली उतारने के बाद ही प्रवेश मिला। लखनऊ में हिजाब पहनकर पहुंची छात्राओं की भी विशेष जांच की गई।
सहारनपुर की अभ्यर्थी विदुषी चौधरी ने कहा कि जब पहली परीक्षा के पेपर लीक होने की खबर मिली थी, तो वह रो पड़ी थीं क्योंकि उन्हें दोबारा तैयारी करनी पड़ी। वहीं अन्य अभ्यर्थियों ने मांग की कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए NTA को सख्त कदम उठाने चाहिए।
परीक्षा की सुरक्षा के लिए प्रश्नपत्र जीपीएस से लैस वाहनों के जरिए केंद्रों तक पहुंचाए गए। सभी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी निगरानी में रहे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की गई। सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी गई, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या फर्जी पेपर प्रसारित न हो सके।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को री-एग्जाम आयोजित करने का फैसला लिया।
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