उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) ने झाझरा स्थित विज्ञान धाम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया। कार्यक्रम में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की भूमिका पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने इन्हें राज्य के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रमुख आधार बताया।
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए तकनीक का प्रभावी उपयोग ही सतत विकास की राह प्रशस्त कर सकता है। उन्होंने विज्ञान और नवाचार को राज्य की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।
साइंस सिटी देहरादून के सलाहकार डॉ. जी.एस. रौतेला ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने युवाओं से केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर नवाचार, अनुसंधान और पेटेंट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर चंपावत में संचालित ‘पीरुल ब्रिकेट्स परियोजना’ पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। आईआईपी देहरादून के वैज्ञानिक मंजेश भट्ट ने बताया कि चीड़ की पत्तियों (पीरुल) से ब्रिकेट्स तैयार कर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने परियोजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डी.पी. उनियाल ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिषद राज्यभर में वैज्ञानिक गतिविधियों और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजू सुंदरियाल ने किया, जबकि डॉ. भवतोष शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान परिषद के वैज्ञानिक, प्रोजेक्ट स्टाफ, इंटर्न और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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