देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। मानसून 8 जून से तेलंगाना के भद्राचलम में अटका हुआ है। सामान्य तौर पर यह मध्य प्रदेश में 15-16 जून, उत्तर प्रदेश में 18-20 जून और राजस्थान में 20 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इन राज्यों में मानसून की एंट्री 22 जून के बाद होने की संभावना है।
4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 13 दिनों में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन इसके बाद इसकी गति धीमी पड़ गई। लगातार तीसरे साल जून में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि 2024 और 2025 में शुरुआती ब्रेक के बावजूद सामान्य से अधिक बारिश हुई थी, लेकिन इस साल 17 जून तक देश में सामान्य से 37.8% कम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। इस तरह इस बार मानसून का ब्रेक 13 से 15 दिनों तक लंबा हो सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) की धीमी सक्रियता और अल नीनो जैसी परिस्थितियों के कारण मानसून की रफ्तार प्रभावित हुई है। इससे कई इलाकों में सूखे और असमान बारिश की आशंका भी बढ़ गई है।
इधर, देश के कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर बना हुआ है, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में बादलों की कमी देखी जा रही है।
गर्मी का असर भी बरकरार है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi