Sunday , September 20 2026

ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना करेगी योगी सरकार

योगी सरकार ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के निर्देश दिये हैं। इसके बाद प्रदेश की हर ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा संसाधन और डिजिटल युग के अनुरूप शैक्षिक प्रगति को सुनिश्चित करना है।

ग्राम प्रधान और सचिव करेंगे डिजिटल लाइब्रेरी की मॉनीटरिंग
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय के साथ शिक्षा क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है। इसके लिए ग्रामीण छात्रों तक ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट और अन्य शैक्षिक संसाधनों की पहुंच आसान बनानी होगी। इसमें ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी अपनी अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएं, जहां बच्चों को किताबें, प्रश्नोत्तरी, वीडियो, ऑडियो लेक्चर तथा अन्य डिजिटल संसाधनों उपलब्ध कराए जाए। इससे बच्चों में सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। सीएम ने लाइब्रेरी के संचालन और प्रबंधन की ज़िम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपने के निर्देश दिये। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप हर ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी की देखरेख ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा की जाएगी। वहीं पंचायत स्तर पर सहायक अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो लाइब्रेरी के रखरखाव, उपयोग और सुचारू संचालन की निगरानी करेंगे।

हर डिजिटल लाइब्रेरी के लिए योगी सरकार खर्च करेगी 4 लाख रुपये
योगी सरकार 4 लाख रुपये प्रति डिजिटल लाइब्रेरी पर खर्च करेगी। इसके तहत 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों (कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट सुविधा आदि) की खरीद और 2 लाख रुपये डिजिटल तथा हार्डकॉपी किताबों की खरीद पर खर्च किये जा सकेंगे। लाइब्रेरी में बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ विविध विषयों पर ई-बुक्स और अन्य डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी। बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान के लिए अत्याधुनिक उपकरण ऑडियो-विजुअल टूल्स भी मुहैया कराए जाएंगे। उन्हे ऑनलाइन पढ़ाई और रिसर्च कार्यों के लिए इंटरनेट की सुविधा भी दी जाएगी। डिजिटल लाइब्रेरी में एक सुव्यवस्थित मैनेजमेंट सिस्टम होगा, जिससे छात्र अपनी पसंदीदा किताबों और अध्ययन सामग्री को आसानी से एक्सेस कर सकें।योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल लाइब्रेरी से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों की डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिसमें शिक्षा के डिजिटलीकरण को प्राथमिकता दी गई है।

Check Also

18 सितंबर को ट्रंप ने किया कानून पर हस्ताक्षर, जानें भारत-चीन पर 100% टैरिफ का पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े नए कानून ‘लिंडसे ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *