उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इस दौरान पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल आसानी से कर सकें, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष आकस्मिक अवकाश देने की घोषणा की है। इस सुविधा का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के वैध मतदाता हैं और चुनाव में मतदान करने के पात्र हैं।
पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होगा मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव के तहत 23 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निर्धारित मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा अवकाश?
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के ऐसे कर्मचारी, जो विश्वविद्यालय से स्नातक हैं और वैध मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान के दिन विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र कर्मचारी अपने कामकाजी दायित्वों के कारण मतदान से वंचित न रहें और आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
मतदान में भाग लेने की अपील
शासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं की भागीदारी को सुविधाजनक बनाना है। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं को मतदान से पहले अपने नाम की मतदाता सूची में स्थिति और मतदान केंद्र की जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
ध्यान दें: यह विशेष अवकाश संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के पात्र एवं वैध मतदाताओं के लिए है। इसे पूरे प्रदेश के सभी कर्मचारियों के लिए सामान्य सार्वजनिक अवकाश न समझें।
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