रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ से पहले कमजोरी देखने को मिल रही है। सोमवार को कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर गिरकर 1,155.10 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्ते का नया निचला स्तर है। पिछले एक महीने में शेयर करीब 7.90% गिर चुका है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इसमें लगभग 26% की गिरावट दर्ज की गई है।
एक महीने में करीब 8% टूटा रिलायंस का शेयर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सोमवार दोपहर 1:22 बजे रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 1% की गिरावट के साथ 1,159.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले यह दिन के कारोबार में 1,155.10 रुपये तक फिसल गया था।
बाजार में जारी कमजोरी के पीछे जियो के प्रस्तावित आईपीओ से पहले होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट और व्यापक बाजार में अनिश्चितता को संभावित कारण बताया जा रहा है।
30,200 करोड़ रुपये का हो सकता है जियो का IPO
रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ करीब 30,200 करोड़ रुपये का हो सकता है। इसके सफल होने पर यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईपीओ का संभावित प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर के बीच हो सकता है। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
रिपोर्ट में आईपीओ के लिए 21 से 23 अक्तूबर के बीच सब्सक्रिप्शन और 28 अक्तूबर को संभावित लिस्टिंग का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन तारीखों और कीमतों को संभावित बताया गया है।
जियो की लिस्टिंग से रिलायंस को कैसे मिल सकता है फायदा?
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषण के अनुसार, रिलायंस के मौजूदा शेयर मूल्य में जियो प्लेटफॉर्म्स में उसकी हिस्सेदारी पर 18% से 36% तक का होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट शामिल है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की स्वतंत्र लिस्टिंग के बाद उसका बाजार मूल्यांकन अलग से तय हो सकेगा। इससे रिलायंस की हिस्सेदारी का मूल्य अधिक स्पष्ट होने और शेयर की री-रेटिंग की संभावना बन सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी करीब 66.48% है। मोतीलाल ओसवाल ने जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन लगभग 11.2 लाख करोड़ रुपये आंका है।
मोतीलाल ओसवाल ने दिया 1,530 रुपये का टारगेट
मोतीलाल ओसवाल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,530 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, यह संबंधित समय के शेयर भाव से करीब 30% की संभावित बढ़त दर्शाता है। हालांकि, यह एक विश्लेषणात्मक अनुमान है, वास्तविक बाजार प्रदर्शन की गारंटी नहीं।
निवेशकों की नजर जियो IPO पर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अब जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ पर है। जियो की लिस्टिंग से कंपनी के मूल्यांकन और रिलायंस की हिस्सेदारी के आकलन पर असर पड़ सकता है। हालांकि, शेयर की आगे की दिशा बाजार की परिस्थितियों, आईपीओ की अंतिम शर्तों और कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
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